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Sunday, 26 April 2020
तकलीफ़ें
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इस लेख को लिखा है कवित्री संगीता सिंह जी ने । कैसा लगता है जब दुनियाँ वाले बिना किसी का सच जाने उसके प्रति अपनी राय ब...
"नादान इश़्क"
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|| नादान इश़्क || इश्क ही नादान था या नादानी में इश्क हुआ कमबख़्त यह इश्क बड़ा बेईमान होता है । हंसकर अभी उनसे बात भी खू...
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"तुम्हारे प्रेम का प्रतीक"
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❤❤तुम्हारे प्रेम का प्रतीक❤❤ वर्षों की तड़प और मौन को चीरता हुआ अधरों पर तुम्हारे प्रेम का एक नाजुक स्पर्श ज़रा शरमाते हुए करीब आना ...
"प्रिये एक नज़्म लिखते हैं"
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"प्रिये एक नज़्म लिखते हैं" चलो प्रिये एक नज़्म लिखते हैं...!!! तुम मुस्कुरा कर जुल्फें झटक देना मैं जुल्फों में उलझ कर ...
Wednesday, 22 April 2020
भड़कनामा - दबंगई से लिखिए
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ll दबंगई से लिखिए ll सभी कवियों को मेरा प्रणाम 🙏। कवित्रीयों को थोड़ा कम मगर उनकी नारी शक...
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गलियारे में इश्क़बाज़ी
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ll गलियारे में इश्क़बाज़ी ll बात उन दिनों की है जब हम सभी गोरखपुरिया दोस्त रामनगर कॉलोनी की एक पीजी ...
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Tuesday, 21 April 2020
अस्थियों से हिंदूस्तान लिख देना
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ll अस्थियों से हिंदूस्तान लिख देना ll बेशक मुझे इतिहास में तुम नादान लिख देना मर जाऊँ तो मेरी अस्थियों से हिंदूस्तान ल...
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